जनहित की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता, संघर्ष जारी रहेगा – मुकेश कुमार

जनहित की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता, संघर्ष जारी रहेगा – मुकेश कुमार

चित्रकूट

रिपोर्ट – सहोदरा देवी

20 घंटे से अधिक समय तक नजरबंद रहने के बाद रिहा हुए समाजसेवी मुकेश कुमार ने कहा कि उनकी रिहाई किसी संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि जनहित की लड़ाई का एक नया अध्याय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को उठाना कोई अपराध नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार है।
रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुकेश कुमार ने कहा कि यदि जनता की आवाज़ उठाने की कीमत नजरबंदी है, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए किसी व्यक्ति को रोका जा सकता है, लेकिन उसके विचार, संकल्प और जनसेवा की भावना को कभी कैद नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, दल या संस्था का विरोध करना नहीं है, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान सुनिश्चित कराना है। प्रशासन से अपेक्षा है कि जनता की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना मजबूत हो।
मुकेश कुमार ने इस दौरान सभी सामाजिक संगठनों, पत्रकार बंधुओं, शुभचिंतकों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने नजरबंदी के दौरान उनका मनोबल बढ़ाया और जनहित की आवाज़ को बुलंद किया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
अंत में उन्होंने कहा कि वे आगे भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और अन्य जनसमस्याओं को पूरी मजबूती के साथ उठाते रहेंगे।
“हम सच बोलेंगे, जनहित के लिए लड़ेंगे और संविधान के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनता की आवाज़ बनकर हर मंच पर खड़े रहेंगे। संघर्ष जारी था, जारी है और जारी रहेगा।” ✊

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *