केंद्र सरकार संसद में कानून लाकर शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से करें मुक्त -अखिलेश पांडे
नियुक्ति के बाद लागू अध्यादेश को पूर्व शिक्षकों पर थोपना असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है- विजय पाण्डेय
चित्रकूट ब्यूरो रिपोर्ट – आशीष उपाध्याय
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरटीआई अधिनियम लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता लागू करने के विरोध में हजारों शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय चित्रकूट के सामने किया धरना प्रदर्शन
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंप कर केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर संसद में कानून बनाकर शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की किया मांग
चित्रकूट l शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टी ई टी की अनिवार्यता से छूट प्रदान करने की मांग को लेकर गुरुवार को जिले के हजारों शिक्षक टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विशाल धरना प्रदर्शन किया l बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप कर टीईटी से छूट देने की मांग किया l
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 दिनांक 27 जुलाई 2011 से लागू किया गया है ।अधिनियम के अनुसार अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि से अथवा उसके उपरांत नियुक्त होने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। जबकि उसके पूर्व में नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है ।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के निर्णय द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टी ई टी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है , जो की पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय है l जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में जल्द से जल्द कोई निर्णय लेना होगा l केंद्र सरकार इस संबंध में अध्यादेश लाकर संसद में कानून पास कर आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान करें l अगर केंद्र सरकार जल्दी ही कोई फैसला नहीं लेती तो शिक्षक दिल्ली में विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे l पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विजय पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में डॉल्फिन रीति अपना रही है l केंद्र सरकार जब चाहे अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकती हैl प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आलोक गर्ग ने कहा कि शिक्षकों की एक जुटता के आगे सरकार को एक न दिन झुकना ही पड़ेगा l धरने को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष हरिशंकर त्रिपाठी संरक्षक अशोक त्रिपाठी जिला मंत्री श्री नारायण सिंह , संयुक्त मंत्री आराधना सिंह सहित अन्य जनपदीय व ब्लाक पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया , बाद में सभी शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंप कर आरटीई अधिनियम के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग किया l इस मौके पर सभी संगठनों के पदाधिकारी व जिले भर के हजारों की तादाद में शिक्षक मौजूद रहे l