एक बार फिर वन दरोगा पर लगा रिश्तेदार को वन विभाग की जमीन पर कब्जा कराने का आरोप
रैपुरा वन रेंज अंतर्गत क्षेत्र में चर्चाओं में बने वन दरोगा जी विभाग की करा रहे किरकिरी
चित्रकूट
ब्यूरो रिपोर्ट – आशीष उपाध्याय
चित्रकूट के वन रेंज रैपुरा अंतर्गत रिश्तेदारी के फर्ज को अदा कर वन विभाग की जमीन पर कब्जा कराने का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ की रैपुरा वन रेंज अंतर्गत एक और मामला प्रकाश में आया है। अग्रहुण्डा ग्राम पंचायत के मजरा गिरधारा पुरवा के निवासी देशराज पुत्र नत्थू ने प्रभागीय वन अधिकारी चित्रकूट को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव के ही प्रमोद कुमार पुत्र भोला द्वारा विगत 2021 में वन विभाग की गाटा संख्या106 रकबा27.499 हे0 के अंश में अपने रिश्तेदार दरोगा फूलचंद्र के बलबूते पक्का निर्माण कार्य करा रहा था जिसकी शिकायत करने के बाद भी कुछ दिन कार्य बंद होने के बाद पुनः रिश्तेदार दरोगा निर्माण कार्य को सुरु करा देता है। जबकि 2021 में वन विभाग वा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जांच कर तत्कालीन लेखपाल लवलेश सिंह द्वारा रिपोर्ट प्रेषित की गई थी जिसमे वन विभाग का मामला पाया जाना दर्शाया गया।
वही उक्त मामले में ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह सिसोदिया द्वारा बताया गया की गिरधारा पुरवा में पहले से जो घर बने थे तब वन विभाग कहा था आज एक व्यक्ति घर बना रहा हे तो उसका विरोध किया जा रहा है जबकि उक्त व्यक्ति पहाड़ के नीचे बसा है जो गरीब व्यक्ति है। वही गिरधरा पुरवा के कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया की यहां विभाग के अधिकारी,कर्मचारियों द्वारा पैसा लेकर लेकर लगभग आधा सैकड़ा लोगो को कब्जा करा दिया गया तब कोई जांच नही कराया।
अब सवाल यह उठता हैं की सरकार द्वारा जंगलों को बचाने वा पर्यावरण संरक्षण के लिए हर वर्ष भारी भरकम बजट दिया जाता है जिसमे वृक्षारोपण कार्य कर जंगलों को हरा भरा बनाए रखने वा संरक्षण का संदेश दिया जाता है किंतु वही जब विभाग के ही जिम्मेदार वन रक्षक की बजाय भक्षक की भूमिका निभाने लगे तो कैसे हरे भरे जंगलों को बचाया जा सकता है।
यह एक गंभीर चिंतनीय जांच का विषय है..?