जिलाधिकारी ने किया विकास भवन का औचक निरीक्षण
व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने हेतु दिए कड़े निर्देश
दस्तावेजों का व्यवस्थित रखरखाव एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो*
लाभार्थियों एवं आगंतुकों के साथ शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार प्रशासनिक प्राथमिकता
विकास भवन के सौंदर्यीकरण एवं बुनियादी सुविधाओं में सुधार हेतु निर्देश
चित्रकूट ब्यूरो रिपोर्ट – आशीष उपाध्याय
आज जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय पटलों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, पत्रावलियों के रखरखाव और जन-सुविधाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने विकास भवन में संचालित कार्यालय अध्यक्षों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में अभिलेखों (दस्तावेजों) का रखरखाव अत्यंत व्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रावलियों के निस्तारण में पारदर्शिता और गतिशीलता अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि विकास भवन में आने वाले विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों एवं आम नागरिकों के साथ मर्यादित एवं शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य ध्येय जन-सामान्य की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है।
विकास भवन की भौतिक व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने निम्नलिखित सुधारों के निर्देश दिए। उन्होंन कहा कि मुख्य प्रवेश द्वार को और अधिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए।
पुराने और अव्यवस्थित नोटिस बोर्ड को तत्काल सही कराते हुए अद्यतन जानकारी प्रदर्शित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रवेश द्वार या गैलरी में किसी भी प्रकार की टूटी कुर्सियां या कबाड़ न रखा जाए। उन्होंने स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु अनुपयोगी फर्नीचर को तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि विकास भवन जनपद के विकास कार्यों का केंद्र है, अतः यहाँ की कार्यसंस्कृति और परिवेश दोनों ही प्रेरणादायक होने चाहिए। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
*बुन्देली प्रकाश न्यूज, चित्रकूट/उत्तर प्रदेश*