विवाहिता को जिंदा जलाकर जान लेने का प्रयास करने के मामले में आरोपी पति को 7 साल की कैद
त्वरित न्यायालय ने सुनाया निर्णय
चित्रकूट
ब्यूरो रिपोर्ट – आशीष उपाध्याय
चित्रकूट:बच्चे पैदा न होने और दहेज को लेकर विवाहिता को जिंदा जलाकर जान लेने के प्रयास के मामले में दोषसिद्ध होने पर त्वरित न्यायालय ने आरोपी पति को 7 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार के अर्थदण्ड से भी दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि मध्यप्रदेश के सतना जिले के कोलगवां थाने के बारीकला गांव की निवासी ज्योति ने दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट ससुराली जनों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी कर्वी के बेड़ी पुलिया चकला राजरानी निवासी दीपू के साथ 11 मई 2014 को हुई थी। शादी के बाद से ही पति दीपू ससुराली जनों के साथ मिलकर बच्चे पैदा न होने और दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करता था। इसके बाद 7 मार्च 2016 को सबेरे 6:30बजे पति दीपू ने ससुराली जनों के साथ मिल कर जान से मारने की नीयत से उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया और कमरे में बंद कर दिया। पुकार सुनकर पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। लगभग 12 दिन तक इलाज कराने के बाद वह वापस आई तो पति ने उसे साथ रखने से मना कर दिया और धमकी देकर भगा दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज संजय कुमार ने इस मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर पीड़िता के आरोपी पति दीपू को 7 वर्ष कारावास की सजा और 25000 रु अर्थदण्ड से दंडित करने का आदेश दिया गया ।